गुरुवार, 15 सितंबर 2022

ताज प्रेस क्लब के चुनाव



 ताज प्रेस क्लब के चुनाव 

आगराप्रशासन ने ताज प्रेस क्लब के पत्रकारों की सूची को अंतिमरूप दे दिया है सदस्यता को लेकर विवाद था] इसको लेकरकुछ पत्रकारों ने प्रशासन से शिकायत की थी प्रशासन ने  ताज प्रेस क्लब के चुनावों में हस्तक्षेप किया प्रशासन के  हस्तक्षेप के बाद स्थानीय जिला सूचना अधिकारी के स्तर से अब पत्रकारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है जल्दी ही प्रेस क्लब के चुनावों की घोषणा भी हो जायेगी। 

प्रशासन से शिकायत

ताज प्रेस क्लब के चुनावों को लेकर प्रशासन से शिकायत करने वाले लोगों में ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष पदके दावेदार पत्रकार भी शामिल रहे हैंे। प्रेस क्लब के चुनावों को लेकर पत्रकारों के कई गुट बने हुये हैं।बहुत से लोग चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन खुल कर सिर्फ दो नाम सामने आये हैं एक सुनयन शर्मा दूसरे अशोक अग्निहोत्री दोनों ही बहुत   वरिष्ठ है। बाकी के दावेदार जो लोगों के घरों तक भी वोट के लिए पहुंचने लगे थे। खुद ही पीछे हो गये हैं।वरिष्ठ पत्रकार महेश धाकड़ की प्रशासन से शिकायत करने का असर ये हुआ कि क्लब के खाते में एक लाखचालीस हजार रूपये जमा हो गये पत्रकारों के तमाम आरोपों के संदर्भ में कहा जा रहा है कि वर्तमान कार्यकारिणी ने पूरे चुनाव की प्रक्रिया को ही प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है अब चुनाव भी संभवतः प्रशासन द्वारा ही कराये जायेंगे।        

वैधता को लेकर सवाल 

ताज प्रेस क्लब के चुनावों को लेकर ग्रामीण पत्रकारों की राजनीति करने वाले शंकर देव तिवारी कहते आये हैं कि यह हंग कमेटी है इसको कोई अधिकार ही नहीं है उनका दावा है कि ताज प्रेस क्लब का सोसाइटी कार्यालय में होने वाला नवीनीकरण भी नहीं हुआ है इस वजह से ताज प्रेस क्लब का कोई भी कार्य विधि सम्मत नहीं कहा जा सकता है वहीं एक ताज प्रेस क्लब से जुड़े लोगों दावा यह है कि ताज प्रेस क्लब का नवीनीकरण करा लिया गया है। उसमें अब किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। 

चुनाव के लिए अभियान

ताज प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर पत्रकारों के लगाव का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि 12 वर्ष से चुनाव नहीं होने पर इसके लिए अभियान चलाया गया इस अभियान में हिस्सा लेने वाले तमाम लोगरहे हैं इनमें वरिष्ठ पत्रकार अनिल दीक्षित और ठाकुर पवन सिंह प्रमुख हैं इस अभियान को लेकर बैठके भीहुई] कई पत्रकारों ने दूसरे पत्रकारों पर आरोप भी लगाये ताज प्रेस क्लब की वर्तमान कार्यकारिणी में भी मतभेद रहे हैं। 

कमेटी में भी मतभेद

इन मतभेदों के पीछे बहुत से पत्रकारों का कहना है कि आर्थिक कारणों के अलावा सिर्फ कुछ ही लोगों को     कमेटी के वरिष्ठ लोगों द्वारा महत्व दिया जाना रहा है कार्यवाहक महासचिव को लेकर सर्वधिक विवाद बना रहा है ताज प्रेस क्लब की वर्तमान कार्यकारिणी ने एक कमेटी का गठन किया और सभी तरह के विवादोंको उस कमेटी के द्वारा देखा जाना बताया गया कमेटी के लोगों के भी इस दौरान कई स्पष्टीकरण आये हैंअनेकों बातों पर उन्होंने अपने मतों को स्पष्ट किया है कमेटी में विनोद भारद्वाज, संजय तिवारी, केपी सिंह, गिर्रजा शंकर आदि थे। 

सबसे पुराना संगठन

शहर के सबसे पुराने पत्रकार संगठन के नाम पर ताज प्रेस क्लब का नाम आता है हांलाकि इसमें संगठन जैसा कुछ भी नहीं है ताज प्रेस क्लब के नाम का सृजन उस वक्त मौजूद पत्रकारों ने अखबार मालिकों की      संभावित नाखुशी को ध्यान में रख कर संगठन बनाने के बजाय क्लब केे रूप में स्थापित किया होगा।लेकिन पत्रकारों की अपेक्षा हमेशा से इस क्लब से संगठन के रूप में कार्य करने की रही है। ताज प्रेस क्लब को आगरा के वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना]सुनयन शर्मा] सुभाष रावत आदि ने शुरू कियाथा शुरूआत में ताज प्रेस क्लब जिलास्पताल के पास था वहां मौजूद भवन को लेकर विवाद होने पर उक्त  भवन को खाली कर दिया गया ताज प्रेस क्लब के घटिया आजम खां पर स्थित भवन के लिए राजीव सक्सेना जी ने काफी मेहनत की] उनके प्रयासों के बिना यह संभव नहीं था । 

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